कर्पूरी सभागार जनता दल (यूनाइटेड )कार्यालय नवादा के सभागार में बिहार केसरी श्री कृष्णा बाबू की 137 वीं जयंती पार्टी के जिला अध्यक्ष मुकेश विद्यार्थी जी के अध्यक्षता में मनाई गई।

पार्टी के जिला अध्यक्ष मुकेश विद्यार्थी जी ने कहा कि बिहार केसरी श्री कृष्णा बाबू का जन्म नवादा जिले के नरहट प्रखंड के ग्राम खनवां में 21 अक्टूबर 1887 ई में हुआ था । श्री बाबू 2 अप्रैल 1946 से 31 जनवरी 1961 तक बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री रहे। श्री बाबू कहा करते थे स्वराज मांगा नहीं छिना जाता है । मुख्यमंत्री के तौर पर जमींदारी प्रथा उन्मूलन, लैंड सीलिंग तथा देवघर मंदिर में अनुसूचित जाति ,जनजाति के लिए पूजा अर्चना के लिए अध्यादेश लाने का काम किया। श्री बाबू अपने मुख्यमंत्रित्व काल में उद्योग की स्थापना के साथ-साथ कृषि के लिए नहरों का जाल बिछाने का काम किया। श्री कृष्णा बाबू आजादी के बाद आधुनिक बिहार के निर्माता के साथ हीं सभी वर्ग धर्म के लोगों के विकास के लिए लंबे समय तक काम करते रहे। बिहार केसरी के विकास को अनवरत जारी रखते हुए बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री नितिश कुमार जी बिहार का चौमुखी विकास करने का काम किया है। आजादी के बाद बिहार केसरी श्री बाबू आधुनिक बिहार के निर्माता के रास्ते पर चलकर बिहार के विश्वकर्मा माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी सभी वर्ग धर्म के लोगों का सद्भावपूर्ण वातावरण में बिहार के विकास के लिए 19 वर्षों से लगातार कार्य कर रहे हैं। बिहार के सभी गांव में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने में लगे हुए हैं । गांव एवं शहर की दूरियां मिट चुकी है। जयंती के अवसर पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वाले प्रोफेसर प्रमिला प्रजापति ,हरि कृपाल, जय शंकर चंद्रवंशी ,मनोहर पासवान, ललन कुशवाहा, मणिलाल कुशवाहा, शशि कुमार शेष,राजीव रंजन, राजेंद्र प्रसाद ज्योति ,संतोष कुमार सिंह, उत्पलकांत शर्मा, अनिल कुमार मंडल, शिव बालक चौहान, अवधेश कुशवाहा, रामाश्रय सिंह, इंद्रदेव प्रसाद ,अनिल यादव ,अशोक मेहता ,विनोद चौधरी, प्रिंस प्रभात दांगी ,राजेंद्र जी ,महेश चंद्रवंशी, दिनेश चंद्रवंशी ,धर्मेंद्र कुमार ,फैज असदुल्ल आरफीन, यमुना प्रसाद, सच्चिदानंद सिंह ,डॉक्टर इंद्रजीत कुमार, डॉक्टर इनामुल हक, देवनंदन मांझी ,विनय कुमार, सोनू कुमार, जय राम कुशवाहा, आशीष कुमार ,के अलावे सैकड़ो साथियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।









