नवादा 23 जून । रजौली विधायक प्रकाश वीर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जिला परिषद, नवादा के अन्तर्गत बस पड़ाव, रजौली में सुनियोजित तरीके से अवैध वसूली और रंगदारी वसूली का प्रमुख स्थान बन गया है, जिसे स्थानीय प्रशासन एवं मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, नवादा का संरक्षण प्राप्त है। साथ ही उक्त अवैध वसूली की राशि स्थानीय प्रशासन जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी आपस में मिलकर बन्दरबांट कर लिया करते है, जिससे जिला परिषद, नवादा को भारी राजस्व की क्षति हो रही है।
वर्तमान में दीपक सिंह, पिता-भीम सिंह एवं उनके दर्जनों सहयोगी के द्वारा स्थानीय प्रशासन एवं मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के मिलीभगत से प्रतिदिन बस पड़ाव, रजौली में 25 से 30 हजार रूपये से अधिक की अवैध वसूली करते है, ये लोग दबंग प्रवृति के है जिसके डर से कोई भी व्यक्ति इस बस पड़ाव के बंदोवस्ती में भाग नहीं लेते है। खानापूर्ति के तौर पर हजार दो हजार रूपये जिला परिषद के कार्यालय में जमा करवाकर वाकी सभी राषि जिला परिषद के पदाधिकारी, कर्मी एवं दीपक सिंह आपस में मिल बाँट लेते हैं। दीपक सिंह के अतिरिक्त यदि कोई भी व्यक्ति जिला परिषद के इस बंन्दोवस्ती में भाग भी लेते है तो उसे मार-पीट करते है और उन्हें जान से मारने की धमकी दिया करते है। जिसके कारण अन्य दूसरे व्यक्तियों को डाक से हटने को मजबूर होना पड़ता है। उदाहरण के लिए पूर्व में हर्ष कंस्ट्रक्शन को निविदा प्राप्त हुआ तो तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, रजौली, दीपक सिंह से मिलकर अपने गुर्गे के द्वारा मारपीट करते हुए बस-पड़ाव से संवेदक को भगा दिया गया, जिसकी सूचना मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, नवादा को संवेदक द्वारा लिखित पत्र के माध्यम से कई वार अवगत कराया गया इसके बावजूद कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, नवादा के द्वारा आरोपियों के उपर किसी भी प्रकार का कोई कार्रवाई नहीं किया गया। जिसके चलते कोई भी संवेदक बन्दोवस्ती हेतु डाक में भाग नहीं लिये। इसी साजिष के तहत लगभग दो माह तक बस पड़ाव की वसूली भी बन्द रहा। रजौली बस पड़ाव के ठिकेदार के द्वारा बस-पड़ाव बन्द रहने, राजस्व की वसूली नहीं होने के कारण सरकार को लाखो रूपये राजस्व की क्षति होने एवं दीपक सिंह, पिता भीम सिंह के द्वारा अवैध वसूली किये जाने को लेकर पत्राचार के माध्यम से लिखित सूचना संबंधित पदाधिकारी को दिये जाने के बावजूद इस पर आजतक कोई कार्रवाई नहीं किया गया। ऐसी परिस्थिति में बस पड़ाव के ठिकेदार 31 मार्च, 2025 के बाद बस-पड़ाव छोड़ दिया तदोपरांत कोई भी संवेदक आजतक बन्दोवस्ती डाक में भाग नहीं लिया। पुनः मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद के द्वारा खानापूर्ति के लिए अंचल अधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को वसूली के लिए अधिकृत किया गया है। अंचल अधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा सुनियोजित ढंग से उक्त बस-पड़ाव में अवैध वसूली दीपक कुमार, पिता-भीम सिंह के द्वारा कराया जा रहा है, जिसमें जिला परिषद को लाखो रूपये राजस्व की क्षति एवं नुकसान हो रहा है। राजस्व की क्षति/नुकसान ना हो इसके लिए आरोपियों के ऊपर नियमसंगत कार्रवाई अतिआवष्यक है।
जिला परिषद के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विŸाीय वर्ष में विभागीय वसूली से राषि प्राप्त हुआ जो निम्न प्रकार है:-
1. वर्ष 2021-22 में 5,79,844 रूपये,
2. वर्ष 2022-23 में 18,47,418 रूपये,
3. वर्ष 2023-24 में 7,50,080 रूपये,
4. वर्ष 2024-25 में 01.04.2024 से 31.06.2024 तक प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा पैसा नहीं दिया गया। 01.07.2024 से 31.03.2025 तक 40,55,940 रूपये निविदा होने पर एक विŸाीय वर्ष के नौ माह में लगभग 55 लाख रूपये होता है ।
अतः आग्रह है कि दीपक सिंह, पिता-भीम सिंह के द्वारा पदाधिकारियों के मिलीभगत से प्रत्येक वर्ष लगभग 40 से 50 लाख रूपये का गबन करने से सरकार एवं जिला परिषद को लाखों रूपये का क्षति पहुँचाने के आरोप में किसी वरीय पदाधिकारियों के द्वारा उच्चस्तरीय जाँच करते हुए आरोपियों के ऊपर आवष्यक कार्रवाई की जाय। ताकि सरकार/जिला परिषद के होनेवाले भारी राजस्व की क्षति/नुकसान को रोका जा सके।









