*जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में धूमधाम से मनाया गया हिन्दी दिवस समारोह। *फोटो*। *लखीसराय*। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वाधान में स्थानीय प्रभात चौक स्थित होटल भारती के सभागार में हिंदी दिवस समारोह सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में धूमधाम से मनाय गया। मौके पर शीला भारती ,पंकज भारती, जितेंद्र कुमार आदि के द्वारा आगत अतिथियों के सम्मान में स्वागत गान प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि जिला उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ,उद्घाटन कर्ता अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार , वरिष्ठ अधिवक्ता सत्य प्रकाश मिश्र पंकज मऊ,राम सेवक चौधरी, डॉ संगीता राय,प्रोफेसर मनोरंजन कुमार, अरविन्द कुमार भारती,मु सैयद इजराफिल , सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, राम सेवक चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता सत्य प्रकाश मिश्र पंकज,डॉक्टर संगीता राय, प्रोफेसर मनोरंजन कुमार, अरविन्द कुमार भारती, देवेंद्र आजाद आदि के द्वारा नवल कंठ पत्रिका का विमोचन भी किया । इस दौरान सभी कवियों को अंग वस्त्र, रामचरितमानस, श्री मद भागवत गीता फूल -माला आदि देकर सम्मानित किया गया । समारोह को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने कहा कि हिंदी पर हमें गर्व है । उन्होंने कहा कि जिन देशों ने अपनी मातृभाषा को नहीं अपनाया वह बेहतर विकास नहीं की । आज भी रूस के लोग अंग्रेजी नहीं बोलते हैं रसियन बोलते हैं। फ्रांस के लोग फ्रेंच बोलते हैं अंग्रेजी नहीं बोलते हैं। चीन के लोग चाइनीज बोलते हैं अंग्रेजी नहीं बोलते हैं। इस तरह से हम लोगों को भी अपनी भारतीय भाषा की मातृभाषा पर गर्व होनी चाहिए। उन्होंने हिंदी भाषा की विकास, विस्तार एवं प्रयोग किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर समय हिंदी का ही प्रयोग करना चाहिए । मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी तो हमारी मातृभाषा है, इसकी विकास के तमाम लोगों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने हिंदी से ही प्रतियोगिता परीक्षा पास की है। सभी विकसित देशों में उनकी मातृभाषा में ही इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि की पढ़ाई होती है । *यही व्यवस्था यहां विकसित होनी चाहिए।* हिंदी पर हमें गर्व है ।हम लोगों को हिंदी का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान त्रैमासिक हिंदी साहित्य पत्रिका नवल कंठ का भी विधिवत विमोचन किया गया। मौके पर डॉ संगीता राय, प्रोफेसर मनोरंजन कुमार, गोपाल आचार्य बरबिघा, दशरथ प्रसाद महतो,शिवदानी सिंह बच्चन, कामेश्वर यादव , रोहित कुमार,अरविंद कुमार भारती ,देवेंद्र आजाद, भोला पंडित, बलजीत कुमार, मोहम्मद सैयद इजराफिल ,राजेश्वरी प्रसाद सिंह ,जीवन पासवान मुद्रिका सिंह, सिद्धेश्वर प्रसाद महतो, अवधेश कुमार निराला, अंकित कुमार अशोक कुमार सिंह, सत्य प्रकाश मिश्र पंकज आदि अनेक कवियों ने अपनी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया ।इनके अलावे इस अवसर पर डॉ रामानुज प्रसाद सिंह ,अशोक कुमार सिंह ,सनोज कुमार ,डॉक्टर मनोज कुमार चौधरी ,पूर्व प्राचार्य शैलेंद्र प्रसाद सिंह ,जयप्रकाश सिंह, राजकुमार आदि लोगों की खास उपस्थित रहीं।अविनाश कुमार, जितेंद्र कुमार रोहित कुमार ,पंकज भारती, शीला भारती आदि का सराहनीय सहयोग रहा।









