लखीसराय। स्थानीय प्रभात चौक स्थित होटल भारती के सभागार में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा कवि गोष्ठी का आयोजन रामबालक सिंह उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन देवेंद्र सिंह आजाद सचिव ने किया। इस कार्यक्रम में सभी कविगण एवं साहित्यकारगण ने देश दुनिया पर अपने-अपने विचार व्यक्त किये।देवेंद्र सिंह आजाद ने पहले चुनाव जनतंत्र का आत्मा था अब चुनाव श्रृंगार है ।अंकित सिंह वत्स की रचना मन हरसे रसे सरसे बरसे, नीलांबर बदरा घिर कारी । सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह की रचना दल के दलदल से बच जाना। दशरथ प्रसाद महतो की रचना श्रीमान की ओर बढ़ रही मौत का साया ,भोजन की थाली में जहर कहां से आया ।अरविंद कुमार भारती की रचना,देश जगाओ देश बचाओ निरक्षरता अज्ञान से। मुन्द्रिका सिंह की रचना -सोफिया तुझे भारत करता सलाम ,तूने बता दिया दुनिया को नारी शक्ति का शान। बलजीत कुमार जी की रचना आज मेरी दृष्टि जहां नजर जाती है ,इंसान कम गिद्ध ज्यादा दिखाई देते हैं। राजेश्वरी प्र सिंह की रचना – छोड़ राजनीति हिंदी पर निष्पक्ष भाव लहराने दो। शिवदानि सिंह बच्चन की रचना वर्षा ऋतुओं की रानी है, आंधी पत्थर कादो पानी है। गुलशन कुमार सिंह की कविता आज का इंसान कैसा हो रहा है। रामबालक सिंह की रचना मैं साधु अलवत्ता भैया, मैं साधु अलवत्ता ,राम नाम के बदले दारू तारी गट गट कर पी जाता।नवलकंड पत्रिका के प्रधान संपादक अरविंद कुमार भारती और संपादक राजेश्वरी प्रसाद सिंह ने सभी कवियों से पत्रिका के लिए कविता एवं रचना आमंत्रित किया है। ताकि शीघ्र प्रकाशन किया जा सके ।इस कार्यक्रम में गणेश प्रसाद सिंह, अर्जुन पंडित, संजीत कुमार, अविनाश कुमार आदि का सराहनीय योगदान रहा ।धन्यवाद ज्ञापन जिला संगठन मंत्री अरविन्द कुमार भारती ने किया।









