जिला परिषद की दुकानें नियमानुकूल तरीके से होगी आवंटित: अध्यक्ष ।

लखीसराय- जिला परिषद की सभी दुकानें नियमानुसार दुकानदारों तक आवंटित किए जाएंगे । इस बीच सभी दुकानों में नंबर प्लेट लगा कर नये सिरे से टैक्स निर्धारित किया जाएगा । उपरोक्त बातें जिला परिषद अध्यक्ष अंशु कुमारी ने कहीं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई किए जाएंगे। इसके लिए लखीसराय जिला परिषद सदैव तत्पर है । इस बीच बीते जिला परिषद की बैठक के दौरान लखीसराय जिले में 15वीं वित्त आयोग,षष्टम राज्य आयोग एवं 5वीं वित की राशि व्यय करने की धीमी गति पर काफी असंतोष प्रकट किया गया। तो दूसरी ओर अनुपस्थित कर्मियों के विरुद्ध स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया। आगे जिला परिषद अध्यक्ष अंशु कुमारी ने कहा कि लखीसराय जिला परिषद की कुल 423 दुकान है। इसका व्यावसायिक उपयोग दुकानदारों के द्वारा किया जा रहा है जिसमें बहुत सारे दुकानदारों के द्वारा जीएसटी निबंधन नहीं कराया गया है । इसके अलावा जिला परिषद की भूमिका दाखिल खारिज , लगान रसीद, अतिक्रमण मुक्त कार्य योजना के आलोक में सीओ से अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान बालू घाटों की खनन की अधिकतम गहराई 1 मीटर के विरुद्ध संवेदक एवं ठेकेदार के द्वारा पर्यावरण मार्गदर्शिका की शर्तों एवं बंधेज के विरुद्ध दो से चार मीटर गहराई तक बालू की खुदाई कर खरीद – बिक्री की गई है। उन्होंने कहा कि मामलों की जांच पड़ताल किए जाने को लेकर संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया है। मौके पर विधायक प्रहलाद यादव की ओर से जिले भर में शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों में बेंच डेस्क की आपूर्ति में हुई अनियमित गुणवत्ता का अनुपालन नहीं किए जाने , सरकारी विद्यालय में भौतिक सुविधाओं की परिपूर्णता के लिए शौचालय ,पेयजल, रसोईघर, विद्युतीकरण , नया भवन से चहारदीवारी निर्माण एवं अन्य उपस्कर व सामग्री खरीद में काफी अनियमितता बरतने की बातें कहीं गई। उन्होंने कहा कि बिना निविदा प्रकाशन किये बैक डेट से वेंडर को कार्य आमंत्रित किया गया।‌ कई वेंडर तो ऐसे हैं जो शिक्षा या किसी अन्य विभाग से निबंधित भी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है । पंचायत स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर एवं नर्सों की उपस्थिति एवं अन्य वंचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सप्ताहिक जांच पर बल दिया ।

आगे अन्य सदस्यों की ओर से कार्यपालक अभियंता पीएचईडी की ओर से ग्रामीण पीसीसी संपर्क सड़कों को तोड़कर लगभग 1115 वार्ड में नल जल का कार्य पूर्ण किया गया है । बावजूद तोड़े गए ग्रामीण गलियों की मरम्मती नदारथ की गई है। इस बीच 50% गांव एवं वार्डों में पानी की आपूर्ति बंद है ।‌ तो तकनीकी गड़बड़ी के चलते 25% की आपूर्ति बाधित पड़ी है। जिसके चलते लोगों को समय से पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है । मौके पर पीडब्ल्यूडी लखीसराय का कार्यालय एवं कार्यपालक अभियंता का आवास जिला परिषद की भूमि पर स्थित होने के बिंदुओं पर भी भूमि प्रतिवेदन दिया गया। विदित हो कि इस जमीन बगैर भूमि आवंटन एवं इकरारनामा का कार्यालय का संचालन किया जा रहा है जिससे राजस्व की हानि हो रही है । इसके अलावा ग्रामीण मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री सड़क निर्माण की अधिकांश योजनाओं में काफी अनियमितता की बातें कहीं गई है। जिसके कारण सड़क जल्द ही टूट रहे हैं । कृषि विभाग में बीज वितरण एवं प्रशिक्षण आदि के कार्यों का समुचित तरीके से किसानों को लाभ नहीं मिल पाता है । मत्स्य विभाग के सैरात ,तालाबों घाट , आहर, कुंआ आदि का त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को हस्तांतरित करने के बिंदुओं पर भी विचार विमर्श किया गया। क्रमानुसार बोरिंग, नलकूप उपलब्ध कराए जाने को लेकर आहार, पईन, तालाब का निर्माण जीवन आधार की योजनाओं पर भी विचार विमर्श किया गया। इस बीच आंगनबाड़ी सेविका सहायिका ,सुपरवाइजर एवं अन्य पदों की रिक्तियां की बहाली प्रक्रिया के लिए गठित चयन समिति में जिला परिषद की एक महिला सदस्य भी नामित है। बहाली प्रक्रिया के लिए इन्हें विभाग की ओर से समुचित सूचना नहीं दी जाती है। बैठक में पंचायती राज अधिनियम 2006 के आलोक में ग्राम पंचायत पंचायत समिति का सभी पद 15वीं वित्त की पंचामृत की योजनाओं की सूची का अनुमोदन जिला परिषद से प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था जिसका अभी तक अनुपालन नहीं किया जा रहा है । जो पंचायती राज अधिनियम का उल्लंघन है । इस संदर्भ में पुनः सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे इसका अनुपालन सुनिश्चित करवाएंगे।

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