“नीतीश कुमार थे तो हम भी थे”: अनंत सिंह का बड़ा ऐलान

“नीतीश कुमार थे तो हम भी थे”: अनंत सिंह का बड़ा ऐलान, नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

बोले – जब तक मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार थे, तभी तक चुनाव लड़ने का मतलब था

राजनीति में फिर चर्चा का केंद्र बने अनंत सिंह

बिहार की राजनीति में अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले नेता Anant Singh ने विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वे अब विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।

अपने बयान में उन्होंने कहा, “जब तक मुख्यमंत्री के रूप में Nitish Kumar थे, तब तक हम भी चुनाव लड़ते थे। अब अगर वे नहीं हैं तो हम भी चुनाव लड़ने का कोई कारण नहीं देखते।”

उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

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पहले भी दे चुके हैं ऐसा संकेत

दिलचस्प बात यह है कि अनंत सिंह इससे पहले भी इसी तरह की बात कह चुके हैं। एक न्यूज पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने कहा था कि जब तक नीतीश कुमार राजनीति में सक्रिय रहेंगे और मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे, तब तक वे भी चुनावी मैदान में उतरेंगे।

अब उसी बयान को दोहराते हुए उन्होंने साफ संकेत दिया है कि फिलहाल उनकी चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं है।

मोकामा की राजनीति पर पड़ सकता है असर

अनंत सिंह का राजनीतिक प्रभाव खासकर बिहार के मोकामा क्षेत्र में काफी मजबूत माना जाता है। कई वर्षों तक उन्होंने इस क्षेत्र की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी।

ऐसे में अगर वे सच में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो इसका असर वहां के राजनीतिक समीकरणों पर जरूर पड़ सकता है। कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मोकामा की सीट पर इससे नए समीकरण बन सकते हैं।

समर्थकों में भी चर्चा

उनके इस बयान के बाद उनके समर्थकों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ समर्थकों का कहना है कि अनंत सिंह जैसे मजबूत नेता का चुनावी मैदान से दूर होना एक बड़ा फैसला है।

हालांकि कई लोग यह भी मानते हैं कि राजनीति में बयान अक्सर परिस्थितियों के हिसाब से बदलते रहते हैं। इसलिए अंतिम फैसला चुनाव के समय ही साफ हो पाएगा।

क्या बदलेगा फैसला?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अनंत सिंह वास्तव में चुनावी राजनीति से दूरी बना लेंगे या आने वाले समय में परिस्थितियों के अनुसार अपना फैसला बदल सकते हैं।

फिलहाल उनके इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह ऐलान स्थायी रहता है या फिर राजनीति के बदलते माहौल के साथ इसमें कोई नया मोड़ आता है।

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