राष्ट्रीय सचिव ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन द्वारा रचित पुस्तक “वो दस माह मेरा संघर्ष ” का किया गया लोकार्पण सह परिचर्चा।

लखीसराय:ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन जिला इकाई लखीसराय द्वारा सरयुग होटल बाजार समिति में रौशन कुमार सिन्हा राष्ट्रीय सचिव ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के द्वारा रचित पुस्तक “वो दस माह मेरा संघर्ष ” का लोकार्पण सह परिचर्चा का कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता केएसएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर विजेंद्र प्रसाद सिंह ने तथा संचालन वरीय अधिवक्ता रविविलोचन वर्मा ने किया । कार्यक्रम का उद्घाटन उपस्थित सभी नेताओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रजवलन कर किया। कार्यक्रम का उद्घाटन भाषण करते हुए पूर्व विधायक तथा सीपीआई के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने कहा कि यह पुस्तक सिर्फ एक जीवनी नहीं बल्कि यह एक पूरे संघर्ष की गाथा है । रौशन को हम बहुत धन्यवाद देते हैं बेहतरीन पुस्तक लिखी है । अग्निवीर आंदोलन के खिलाफ इसने पुरे बिहार में दिशा देने का काम किया है।इसके संघर्षों को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सलाम करती है । यह पूरी पुस्तक में पढ़ने के बाद मैं बहुत भावुक हो गया था ।

‌‌ बंदी अधिकार आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक संतोष उपाध्याय ने किताब पर चर्चा करते हुए कहा कि यह किताब बंदियों के अधिकार और आवाज को उठाने वाला है । देश के अंदर बंदियों के लिए कोई नहीं सोचता है । लंबे अरसे के बाद किसी ने बंदियों की दशा तथा विभिन्न जिलों की स्थिति के बारे में लिखने का साहस किया है । हम साथी रौशन को किताब लिखने के लिए बधाई तथा धन्यवाद करते हैं। जिन्होंने मुखरता के साथ बंदियों के लिए अपनी आवाज उठाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के प्रसिद्ध संस्कृतिक कर्मी तथा लेखक अनीश अंकुर ने कहा कि यह पुस्तक छपने से पहले इसकी पांडुलिपि का मैं अध्ययन कर चुका हूं । किताब देखने के बाद यह नहीं लगता है कि किसी नऐ लेखक ने इसको लिखा है । यह किताब संघर्ष करने वाले सभी साथियों को जरूर पढ़ना चाहिए। इस किताब से संघर्षरत साथियों को बहुत बल मिलेगा । मैं जब इस किताब को पढ़ने बैठ तो धाराप्रभाह पढता रहा।

ऑल इंडिया तंजीम इंसाफ के महासचिव इरफान अहमद फातमी ने कहा कि यह किताब अपने आप में एक गाथा है। इन्होंने बहुत बारीकी से तमाम बिंदुओं को लिखा है। पूरी किताब पढ़ने के बाद थोड़ी बेचैनी हो जाती है। विशेष केन्द्रीय कारा भागलपुर की स्थिति तो समाज को चित्रित करने वाली है ।उनके परिवार वालों के संघर्ष को भी हम सलाम करते हैं ।

शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक और समाजसेवी डॉक्टर प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि रौशन को झूठे मुकदमे में फसाया गया था । स्थानीय राज नेताओं को इसके बढ़ते छवि को रोकने के लिए यह कुचक्र रचा गया । हम लोग हमेशा रौशन के साथ खड़े हैं ।

ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के पूर्व राज्य अध्यक्ष प्रभात कुमार पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि रौशन की पूरे मामले को मैं बहुत नजदीकी से जानता था। उन्होंने किताब में जो लिखा है वह सत्य प्रतिशत सच है। इन्होंने बेहतरीन तरीके से उन चीजों को सजाया है । हम साथी रौशन को तथा उनके परिवार को बधाई देते हैं ।

पटना विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉक्टर सुधीर कुमार ने कहा कि अग्निवीर आंदोलन के बाद साथी रोशन ने इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व किया । इन पर कई फर्जी मुकदमे किए गए लेकिन उसके बावजूद भी यह डिगे नहीं और मजबूती के साथ समाज के लिए खड़े हैं ।

कार्यक्रम के अंत में लेखक तथा एआईवाईएफ के राष्ट्रीय सचिव रौशन कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया ।

पहलगाव और पाकिस्तान हमले में मारे गए तो लोगों के प्रति एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।कार्यक्रम को सीपीआई के जिला सचिव हर्षित यादव, सीपीआईएम के पूर्व जिला सचिव मोती शाह, राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद साहू, प्राइवेट टीचर एसोसिएशन के राजेश शर्मा, प्रमोद वर्मा, यूथ फेडरेशन के राज्य अध्यक्ष शंभू देवा, सलमान सिद्दीकी, अभिनव अकेला, रूपेश कुमार, निधिश कुमार गोलू, नरेश प्रसाद, मुकेश कुमार सिन्हा , गौतम गिरियगे, पटना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधा अम्बषटा, भोला प्रसाद ,शहनाज खातून , यूथ फेडरेशन के जिला सचिव गुड्डू यादव ,रंजीत पासवान ,विनोद कुमार, संतोष आर्य , राजेश कुमार, सहित शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Leave a Comment