लखीसराय -जल जीवन हरियाली दिवस का किया गया आयोजन।

समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन किया गया। जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन प्रत्येक महीने के प्रथम मंगलवार को किया जाता है। प्रत्येक महीने में जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन एक नोडल विभाग द्वारा किया जाता है। मई महीने में जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन लघु सिंचाई विभाग के द्वारा किया गया।

जल जीवन हरियाली दिवस के अवसर पर कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई के द्वारा ‘सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं का जीर्णोद्धार एवं छोटी-छोटी नदियों/नालों एवं पहाड़ी क्षेत्र के जल संग्रहण क्षेत्र में चेक डैम का निर्माण’ विषय पर परिचर्चा किया गया।

सर्वप्रथम कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई, संतोष कुमार के द्वारा उप विकास आयुक्त सुमित कुमार को नव पौध देकर स्वागत किया गया। स्वागत उपरांत उपस्थित सभी पदाधिकारीयों को आज के परिचर्चा के विषय वस्तु से अवगत कराते हुए कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई के द्वारा लखीसराय जिले में सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं के जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्यों के बारे में बताया गया। इन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से अभी तक जिले में कुल 23 सार्वजनिक तालाबों का जीर्णोद्धार लघु सिंचाई विभाग के द्वारा कराया गया जा चुका है। एक योजना वर्तमान में प्रगति पर है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा बरतारा तालाब, पोखरामा तालाब, निमीया तालाब, शिव सोना तालाब, अकौनी बड़ी तालाब इत्यादि का जीर्णोद्धार कराया गया है जबकि गुण सागर तालाब का कार्य प्रगति पर है। विदित हो की लघु सिंचाई विभाग द्वारा 5 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल के तालाबों का ही कार्य कराया जाता है।

उप विकास आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जल जीवन हरियाली का कार्य स्थल पर दिखना चाहिए। जल जीवन हरियाली अंतर्गत तालाबों का निर्माण विभिन्न विभागों के द्वारा किया जाता है। मत्स्य विभाग के द्वारा निजी तालाबों का निर्माण किया जाता है। नगर क्षेत्र में नगर विकास एवं आवास विभाग के द्वारा तालाबों का निर्माण किया जाता है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 5 एकड़ से कम क्षेत्रफल वाले तालाबों का निर्माण भूमि संरक्षण विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा किया जाता है। 5 एकड़ से ऊपर के क्षेत्रफल वाले तालाबों का निर्माण लघु सिंचाई विभाग के द्वारा किया जाता है।
उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को निर्देश दिया कि जिले के सभी तालाबों का सर्वेक्षण कराकर प्रतिवेदन प्राप्त करें, जिससे कि तालाब के निर्माण कार्य में डुप्लीकेशी ना हो।

अंत में कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई ने बताया कि आगामी दिनों में जिले में कुल 6 चेक डैम का निर्माण कार्य कराया जाएगा जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में पानी का संचयन किया जा सकता हैं।

आज के परिचर्चा में सिविल सर्जन बीपी सिन्हा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद, निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण नीरज कुमार, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई, संतोष कुमार के साथ अन्य जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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