कर्नल सोफिया कुरैशी को जाने

कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक प्रतिष्ठित अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने साहस, नेतृत्व और तकनीकी विशेषज्ञता से सैन्य क्षेत्र में कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं।

 

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

सोफिया कुरैशी का जन्म 18 अप्रैल 1972 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता मोहम्मद कुरैशी एक सिविल इंजीनियर और माता अमीना कुरैशी गणित की प्रोफेसर थीं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट से पूरी की और 1993 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की।

 

सैन्य करियर

1994 में सेना की सिग्नल कोर में कमीशन प्राप्त करने के बाद, कर्नल कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सेवा दी। 2001 में, उन्होंने सेना के पहले मोबाइल डिजिटल संचार नेटवर्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

2016 में, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत कांगो में 500 से अधिक भारतीय सैनिकों की कमान संभाली, जिससे वे ऐसा करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। उनकी इकाई ने उत्तरी किवु क्षेत्र में शांति बनाए रखने, निरस्त्रीकरण और मानवीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

2017 से 2022 तक, उन्होंने भारत के साइबर डिफेंस कमांड की उप महानिदेशक के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने सैन्य साइबर सिद्धांतों का विकास, साइबर प्रशिक्षण रेंज की स्थापना और खतरे की पहचान पहल का नेतृत्व किया।

 

ऑपरेशन सिंदूर और हालिया उपलब्धियाँ

2025 में, भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान, कर्नल कुरैशी ने पश्चिमी मोर्चे पर एक साइबर-संवर्धित त्वरित तैनाती इकाई का नेतृत्व किया। उनकी इकाई ने सैन्य संचार को सुरक्षित किया और रणनीतिक प्रणालियों पर साइबर हमलों को विफल किया।

 

7 मई 2025 को, उन्होंने विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मिलकर “ऑपरेशन सिंदूर” के बारे में मीडिया को जानकारी दी, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट करने की जानकारी साझा की।

 

पुरस्कार और सम्मान

कर्नल कुरैशी को उनके उत्कृष्ट सेवा के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

 

सेना मेडल (2025)

 

विशिष्ट सेवा मेडल (2019)

 

संयुक्त राष्ट्र शांति सेवा मेडल (2017)

 

COAS प्रशस्ति पत्र (2010)

 

पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का प्रशस्ति पत्र (2003)

 

व्यक्तिगत जीवन

कर्नल कुरैशी की शादी कर्नल ताजुद्दीन बगेवाड़ी से हुई है, और उनके एक पुत्र हैं। उनका परिवार सैन्य सेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें उनके दादा और पिता भी भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं।

 

कर्नल सोफिया कुरैशी का जीवन और करियर भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और तकनीकी विशेषज्ञता के महत्व का प्रतीक है। उनकी उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

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