बिहार सरकार के फैसले कि सरकारी शिक्षक प्रायवेट कोचिंग का संचालन नही कर सकते,का स्वागत करते हुए मतदाता जागरुकता सह जनाधिकार मंच के संस्थापक संयोजक आजाद गीता प्रसाद शर्मा ने कहा है कि शिक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण जीवन की रक्षा है,किन्तु इस विषय पर सरकार की अनदेखी दुखद है। श्री शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार सरकारी शिक्षक के द्वारा निजी कोचिंग के संचालन पर रोक लगाई गई है उसी तरह सरकरी डाक्टर की निजी क्लिनिक और अस्पताल संचालन पर रोक लगाई जाए। निजी क्लिनिक मे व्यस्त होने के कारण ही आज सरकारी अस्पताल की हालात श्मशानघाट की तरह बनती जा रही है और लोगो का शोषण प्रायवेट अस्पताल मे हो रहा हैकिन्तु सरकार की रवैया असंवेदनशील है।









