नवादा में मेले के पास गोलियों से 12 वर्षीय मासूम घायल, डिज्नीलैंड मेला बना दहशत का केंद्र; पुलिस अज्ञात बदमाशों की तलाश में जुटी, इलाके में फैली सनसनी
बिहार के नवादा जिले में अफरा-तफरी मच गई जब कोर्ट परिसर के पीछे लगे डिज्नीलैंड मेले के पास अचानक फायरिंग हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ अज्ञात लोगों के बीच किसी बात पर झड़प हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई और गोलियां चलने लगीं। इस फायरिंग की चपेट में आकर 12 वर्षीय आयुष कुमार घायल हो गया।
LPG किल्लत से बढ़ी महंगाई: चाय, समोसा और मिठाइयों के बढ़े दाम,

https://www.facebook.com/share/19EMrhAd9b/
मासूम बना हिंसा का शिकार:
घायल बच्चे की पहचान आयुष कुमार के रूप में हुई है, जो त्रिपुरारी सिंह का पुत्र है। बताया जा रहा है कि आयुष के दाहिने हाथ में गोली लगी है। घटना के समय वह मेले के आसपास ही मौजूद था और अचानक गोली लगने का शिकार हो गया। इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है।
इलाज जारी, हालत स्थिर:
घायल बच्चे को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अभी स्थिर है, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए उसे निगरानी में रखा गया है। परिवार के लोग बहुत सदमे में हैं और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी:
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और फायरिंग में शामिल अज्ञात बदमाशों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल:
इस घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर मेले में बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार मौजूद रहते हैं, वहीं इस तरह की घटना प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोक सकें।
निष्कर्ष:
नवादा में हुई यह घटना न केवल एक मासूम की जिंदगी को खतरे में डालती है, बल्कि यह समाज में बढ़ती असुरक्षा की भावना को भी दर्शाती है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों को पकड़कर न्याय दिला पाती है और प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।









