नवादा:एमएसएमई द्वारा तीन दिवसीय प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेला का शुभारम्भ, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने किया उद्घाटन!
आज शनिवार को एम.एस.एम.ई.-डी.एफ.ओ., पटना द्वारा गांधी इंटर स्कूल, नवादा के प्रांगण में तीन दिवसीय प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेला का शुभारम्भ किया गया। इस मेले का उद्घाटन माननीय केंद्रीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार, श्री जीतन राम मांझी द्वारा फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने कहा कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि के बाद देश की आर्थिक प्रगति में इस क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है तथा सकल घरेलू उत्पाद एवं निर्माण क्षेत्र में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना
उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 17 सितम्बर 2023 को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रारंभ की गई, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को सशक्त बनाना है। इस योजना के अंतर्गत कारीगरों को प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता तथा कार्य हेतु आवश्यक टूलकिट उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। योजना के तहत लगभग 15 हजार रुपये की टूलकिट सहायता, बिना बैंक गारंटी के 1 लाख रुपये तक का ऋण तथा व्यवसाय विस्तार के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पारंपरिक शिल्पकार समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास एवं ऋण सहायता की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही देशभर में टेक्नोलॉजी सेंटर एवं शिल्पकार हब विकसित किए जा रहे हैं तथा खादी एवं ग्रामोद्योग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।माननीय मंत्री द्वारा मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण भी किया गया।
अर्थव्यवस्था की रीढ़
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी, नवादा श्री रवि प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि एमएसएमई क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बिहार में कुल औद्योगिक इकाइयों का लगभग 95 प्रतिशत एमएसएमई क्षेत्र से संबंधित है तथा राज्य के कुल उत्पादन का लगभग 65 से 70 प्रतिशत इसी क्षेत्र से प्राप्त होता है। रोजगार सृजन की दृष्टि से कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र भी एमएसएमई ही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत कारीगरों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण मानकीकरण तथा बाजार एवं हाटों तक पहुँच बनाने में सहयोग प्रदान किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत 18 प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों को चिन्हित किया गया है। लाभार्थियों के चयन में स्थानीय पंचायतों की भी महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की गई है, ताकि कोई भी पारंपरिक कारीगर इस योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि उद्यम पंजीकरण एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। पूर्व में छोटे उद्यमियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जटिल थी, किंतु अब इसे सरल बनाकर उद्यम आईडी प्रदान की जा रही है, जो एमएसएमई इकाइयों के लिए आधार कार्ड की तरह कार्य करती है। इसके माध्यम से उद्यमियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना आसान हो गया है।

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45 लाख से अधिक उद्यम आईडी पंजीकृत
उन्होंने बताया कि बिहार में अब तक 45 लाख से अधिक उद्यम आईडी पंजीकृत हो चुकी हैं तथा प्रतिमाह लगभग 50 हजार नए पंजीकरण हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त जीरो इफेक्ट-जीरो डिफेक्ट (ZED) योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), रैम्प, इंक्यूबेशन कार्यक्रम एवं विभिन्न कौशल विकास संस्थानों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा भी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत युवाओं, महिलाओं तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 05 लाख रुपये तक की पूंजीगत अनुदान तथा कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त पीएम-एफएमई योजना के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों को लगभग 35 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
कारीगरों का पंजीकरण
निदेशक, एम.एस.एम.ई.-डी.एफ.ओ., पटना श्री आर.के. चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत 17 सितम्बर 2023 को की गई थी, जिसका प्रारंभिक लक्ष्य पाँच वर्षों में 30 लाख लाभार्थियों को जोड़ने का था। प्रसन्नता की बात है कि माननीय मंत्री के मार्गदर्शन में मात्र डेढ़ से दो वर्षों के भीतर ही यह लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। वर्तमान में देशभर में 30 लाख से अधिक कारीगरों का पंजीकरण हो चुका है तथा लगभग 30 लाख लाभार्थियों का तृतीय चरण का सत्यापन भी पूर्ण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि बिहार में भी इस योजना के प्रति व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। राज्य में अब तक लगभग 18.5 लाख पंजीकरण प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1 लाख 63 हजार से अधिक लाभार्थियों का तृतीय चरण का सत्यापन सफलतापूर्वक संपन्न किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेले का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। इस प्रकार के आयोजनों से कारीगर अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचा सकेंगे, उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा तथा उनकी आय में वृद्धि होगी, जिससे उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार आएगा।









