दुर्गा पूजा को ले सीतामढ़ी थाने एवं मेसकौर थाने में की गई शांति समिति की बैठक ।

दुर्गा पूजा को ले सीतामढ़ी थाने एवं मेसकौर थाने में की गई शांति समिति की बैठक ।

सीतामढ़ी थाना परिसर में शनिवार को दुर्गा पूजा को लेकर थानाक्षेत्र की पूजा कमिटियों के साथ बैठक आयोजित की गयी.
दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जाने को लेकर शनिवार को थाना में आयोजित बैठक के दौरान सीओ अभिनव राज ने कहा कि पूजा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने में पूजा कमिटियों की भूमिका भी अहम है. पूजा को लेकर मंदिर कमिटी के लोगों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. कमिटी के लोग थाने में आवेदन दे दें. लाइसेंस में जो मानक हैं उसका पूरा ध्यान रखेंगे. उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान भीड़ वाले पूजा पंडालों में डीजे बजाने वाले एवं पटाखे जलाने वालों पर ध्यान दें. इससे बेवजह लोगों को परेशानी हो सकती है. तय रूट से ही विसर्जन का जुलूस निकाला जाएगा. इसके लिए पूजा कमिटी को लाइसेंस में रूट का जिक्र करना होगा. सीओ ने कहा कि कुछ ही दिनों बाद नवरात्र प्रारंभ होने वाला है. यहां के लोग अमन पसंद है. इससे पहले भी जो भी पर्व हुए हैं शांतिपूर्ण माहौल में हुए है.

इस बार भी दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण माहौल में गुजरेगी. बैठक के दौरान थानाध्यक्ष रश्मि कुमारी ने कहा कि यहां के लोग शांतिप्रिय है, अन्य पर्वो की भांति दुर्गा पूजा का त्योहार भी यहां के लोग मिल जुल कर मनाएंगे. इधर मेसकौर थाने मे दुर्गा पूजा को लेकर जनप्रतिनिधि सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता एवं पूजा कमेटी के सदस्यों के साथ मेसकौर थाना में शांति समिति की बैठक किया गया। इस अवसर पर अपर थाना अध्यक्ष गौरव कुमार के नेतृत्व में उपस्थित लोगों ने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि पूजा पर किसी भी तरह का अनैतिक रंग नहीं चढ़ने दिया जाएगा। उपस्थित लोगों के स्वीकृति के बाद थाना अध्यक्ष ने अपील किया कि शांति एवं भाईचारे के साथ पूजा में शामिल होकर आपसी सद्भावना का परिचय दें।चूंकि शांति समिति की बैठक तो हमेशा होती है चाहे वह किसी भी धर्म से जुड़े पर्व का अवसर होता है लेकिन इस तरह के अवसर पर लोगों की प्रतिबद्धता एवं उनकी प्रतिक्रिया तथा सुझाव को जानने के लिए प्रशासन के द्वारा इस तरह का बैठक किया जाता है।
ताकि भविष्य में किसी भी तरह का असंवैधानिक कार्य को समय से पहले निपटारा किया जा सके। इस मौके पर सीओ अभिनव राज ने समाजसेवी जनप्रतिनिधियों से अपील किया कि यदि लगता है की पूजा के दौरान किसी भी तरह का अनैतिक कार्य किया जा सकता है तो उसे प्रशासन के समक्ष साझा करने में कोई परेशानी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि अफवाह एक ऐसी चीज है जिस पर कंट्रोल करना आम पब्लिक से लेकर प्रशासन के लिए मुश्किल हो जाता है। इस दौरान निर्दोष एवं इंसान लोगों को फजिहत का सामना करना पड़ता हैं।

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