सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल की नियुक्ति व तबादलों को मंजूरी दी है। नंद किशोर यादव नागालैंड और सैयद अता हसनैन बिहार के नए राज्यपाल बनाए गए हैं।नई दिल्ली: देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल पदों पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल तथा उपराज्यपाल की नियुक्ति और तबादलों को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
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कहां- कहां के राज्यपाल बदले?
वहीं, केंद्रशासित प्रदेशों में भी भारी फेरबदल देखने को मिला है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का तबादला अब लद्दाख के एलजी के रूप में कर दिया गया है। उनकी जगह दिल्ली की जिम्मेदारी पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को सौंपी गई है। लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता को अब हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल के समीकरणों को देखते हुए भी कई बदलाव किए गए हैं। तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि को अब पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु भेजा गया है।
तबादलों के इस क्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को अब तेलंगाना की जिम्मेदारी दी गई है। तेलंगाना के निवर्तमान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण राज्य का राज्यपाल बनाकर भेजा गया है। पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड के लिए भी नई नियुक्ति हुई है, जहाँ अब नंद किशोर यादव राज्यपाल की भूमिका निभाएंगे।
कौन हैं जनरल हसनैन?
बिहार के संदर्भ में बात करें तो लेफ्टिनेंट जनरल हसनैन की छवि एक सुलझे हुए सैन्य अधिकारी की रही है। श्रीनगर में तैनाती के दौरान उन्होंने न केवल आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया, बल्कि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा और रोजगार से जुड़ी कई सामाजिक पहल भी शुरू कीं। रिटायरमेंट के बाद वे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य और कश्मीर विश्वविद्यालय के चांसलर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। जानकारों का मानना है कि उनकी प्रशासनिक पकड़ और रणनीतिक अनुभव का लाभ बिहार जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्य को मिलेगा। राष्ट्रपति के इन आदेशों के साथ ही देशभर के प्रमुख राजभवनों में अब नए चेहरों के साथ कामकाज की शुरुआत होगी।
पूर्व सेना अधिकारी सैयद अता हसनैन बिहार राजभवन पहुंचे
वहीं भारतीय सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन सेना में अपनी सेवाओं के लिए जाने जाते हैं और उन्हें सुरक्षा और रणनीतिक मामलों का व्यापक अनुभव है। बिहार के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्यपालों का जोरदार फेरबदल: रवि बंगाल, संधू दिल्ली के नए चेहरे
इसके अलावा आर. एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह अभी तमिलनाडु के राज्यपाल हैं। वहीं राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो वर्तमान में केरल के राज्यपाल हैं, उन्हें अब तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है। केंद्र शासित प्रदेशों में भी बदलाव किया गया है। कविंदर गुप्ता, जो अभी लद्दाख के उपराज्यपाल हैं, उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं विनय कुमार सक्सेना, जो फिलहाल दिल्ली के उपराज्यपाल हैं, उन्हें लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है।इसके साथ ही भारत के वरिष्ठ राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह अमेरिका में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं और कूटनीति तथा प्रशासनिक मामलों में उनका लंबा अनुभव रहा है।
राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी नियुक्तियां और तबादले तब प्रभावी होंगे जब संबंधित अधिकारी अपने नए पदों का कार्यभार संभाल लेंगे। यानी वर्तमान पदों से औपचारिक रूप से मुक्त होने के बाद ही वे अपने नए पदों पर कार्यभार ग्रहण करेंगे।









