ज्योतिबा राव फुले जी का 134 बी पुण्यतिथि मूल अति पिछड़ा बुद्धिजीवी मंच के बैनर तले मनाया गया जिसमें सभी समाज के लोग उपस्थित हुए इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ केपी सिंह ने कहा की महात्मा फुले वंचित जमात के छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने के लिए स्कूल का निर्माण किया और अंग्रेज के यहां प्रस्ताव पेश किया कि वंचित समाज को भी शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है जिसकी स्वीकृति अंग्रेजों ने दे दिया इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमलेश सैनी ने कहा की अगर महात्मा ज्योतिबा राव फुले और माता सावित्रीबाई फूले नहीं होते तो आज जो वंचित समाज शिक्षित है वह नहीं होता इसीलिए हर वंचित समाज के पुरुष और महिला महात्मा ज्योतिबा राव फुले और माता सावित्रीबाई फुले बनने का कार्य करें उनके पदचिन्हों पर चलकर समाज को शिक्षित करें संगठित करें संघर्ष करें इस मौके पर महात्मा ज्योतिबा राव फुले के अनुयाई नंदकिशोर प्रसाद चंद्रवंशी ने कहा कि महात्मा फुले और माता सावित्रीबाई फुले दोनों मिलकर ब्राह्मणवादी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किया और साथ ही साथ कबीर रैदास के सिद्धांतों और मिशन को संचालित किया और माता सावित्रीबाई फुले प्रथम शिक्षिका के रूप में जानी जाती है इसीलिए वंचित समाज के हर लड़कियां माता सावित्रीबाई फुले के आदर्शों पर चले इस मौके पर राजकुमार मालाकार ने भी महात्मा ज्योतिबा राव फुले के बारे में बताया की महात्मा ज्योतिबा राव फुले जी ने सत्यशोधक समाज की स्थापना किया और हर एक गरीब शोषित पीड़ित वंचित सभी समाज को शिक्षित करने का काम कियाअनवर भाट सत्यम गुप्ता कैलाश विश्वकर्मा अनिल मंडल जहूर अनवर राजकुमार मालाकार मिलन सिंह चंद्रवंशी मनोज केवट गनौरी पंडित कपिल कुमार आर के रंजन दिवाकर सिंह संजय यादव सोहन गुप्ता राजीव कुमार राजीव कुमार अभिमन्यु कुमार डॉ सुखदेव प्रसाद प्रजापति सत्यम गुप्ताइस मौके पर उपस्थित हुए पंकज शर्मा









