उप समाहर्त्ता बैंकिंग की अध्यक्षता में डीएलसीसी की हुई बैठक आयोजित
आज दिनांक 11 मार्च 2026 को उप समाहर्त्ता बैंकिंग श्री नवीन कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति-सह-जिला स्तरीय सलाहकार समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित हुई। उप समाहर्त्ता बैंकिंग द्वारा बैठक में जिले में चल रही विभिन्न वित्तीय और विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा हुई :-
*कृषि एवं किसान कल्याण*
-अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक ने किसानों को केसीसी ऋण उपलब्ध कराने की स्थिति, फसल ऋण, पशुपालन एवं मत्स्य पालन ऋण वितरण की प्रगति के बारे में बताया गया। राज्य सरकार द्वारा निर्देशित कृषि ऋण वितरण शिविर सभी प्रखंडों में कल दिनांक-12 मार्च 2026 को आयोजित होना है, जिसमें सभी बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे और शिविर में प्राप्त ऋण आवेदन का शीघ्र निष्पादन करेंगे।
उप समाहर्त्ता बैंकिंग ने सभी बैंकों को निर्देश दिया गया कि जिले में कृषि ऋण को बढ़ावा देने के लिए केसीसी (पशुपालन) एवं केसीसी (मत्स्य) योजना अंतर्गत किसानों को लाभान्वित करें।

https://whatsapp.com/channel/0029Va6IX8DE50UiwIV51v0O
*स्वरोजगार योजनाएँ* :-
स्वरोजगार योजना अंतर्गत उप समाहर्त्ता द्वारा सभी बैंकों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में वित्तीय लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शिविर का आयोजन हो रहा है, जिसमें सभी बैंक ज्यादा से ज्यादा ऋण आवेदन का निष्पादन करें जिससे जिले का लक्ष्य की प्राप्ति हो सके।
अग्रणी जिला प्रबंधक श्री मनीष कुमार द्वारा बताया गया कि अभी तक इस योजना में बैंकों द्वारा 68 लक्ष्य के विरूद्ध 61 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। उन्होंने बताया कि पीएमएफएमई योजना अंतर्गत 174 लक्ष्य के विरूद्ध 114 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। सभी बैंकों को निर्देश दिया गया कि लक्ष्य प्राप्ति हेतु ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। इसलिए सभी बैंक उक्त निर्देश का पालन करना सुनिश्चित करेंगे। मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया, पीएमईजीपी एवं अन्य स्वरोजगार योजनाओं के तहत ऋण वितरण की समीक्षा की गई।
स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से जोड़ने और वित्तीय सहायता प्रदान करने की स्थिति की समीक्षा की गई।
*बैंकिंग सेवाओं की सुगमता* :-
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता, बैंक शाखाओं एवं एटीएम की संख्या बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया।
निदेशक, आरसेटी के द्वारा यह बताया गया कि हमारे यहां से लाभुक ट्रेनिंग लेने के बाद वित्तीय सहायता के अभाव में रोजगार शुरू नहीं कर पाते हैं। अतः सभी बैंकों को निर्देश दिया गया कि स्वरोजगार हेतु जो भी ऋण का आवेदन आरसेटी से जाता है, उसका त्वरित निष्पादन किया जा सके।
स्वयं सहायता समूह एवं महिला उद्यमिता*
उप समाहर्त्ता बैंकिंग ने उपस्थित बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसानों, उद्यमियों एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराएँ, ताकि जिले में आर्थिक गतिविधियाँ तेज हों। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण सुनिश्चित करने एवं सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे जनहित में योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करें और जिले के आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान दें।
बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी, आरबीआई के एलडीओ श्री मोहित कुमार, डीडीएम नावार्ड श्री सुशांत रौशन, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, विभागों के अधिकारी एवं अन्य संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।









