मुजफ्फरपुर जिले में 35 साल पुराने हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया
मुजफ्फरपुर जिले में 35 साल पुराने हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
अहियापुर थाना क्षेत्र के शिवराहां चतुर्भुज गांव में जमीन विवाद को लेकर हुए इस मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार पांडेय की अदालत ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सजा पाने वालों में बैद्यनाथ राय, रामबलम राय, महंत राय, रामचंद्र पासवान और सहदेव राय शामिल हैं।
कोर्ट ने सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है
जुर्माना नहीं देने पर दो-दो साल अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
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11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए
घटना 9 अगस्त 1991 की है। आरोप है कि जमीन कब्जाने का विरोध करने गई बसंती देवी को आरोपियों ने पेड़ से बांधकर बदसलूकी की थी।
उन्हें छुड़ाने पहुंचे उनके भाई कुंवर राय को बैद्यनाथ राय ने लाइसेंसी बंदूक से गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने 1994 में चार्जशीट दाखिल की थी। 2011 से गवाही शुरू हुई और 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
लंबी सुनवाई के बाद आखिरकार 35 साल बाद कोर्ट ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।









