अगर हौसले बुलंद हों, तो हर सपना हकीकत बन सकता है

अगर हौसले बुलंद हों, तो हर सपना हकीकत बन सकता है

नवादा की मिट्टी से निकली एक ऐसी कहानी, जो हर युवा के हौसले को नई उड़ान दे रही है… कौवाकोल प्रखंड के छोटे से गांव नावाडीह की बेटी सपना कुमारी ने अपने संघर्ष, समर्पण और मेहनत के दम पर इतिहास रच दिया है। इंटरमीडिएट परीक्षा में 95.80% अंक हासिल कर साइंस संकाय में पूरे बिहार में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
गांव के ही उच्च माध्यमिक विद्यालय, नावाडीह से पढ़ाई करने वाली सपना ने यह साबित कर दिया कि सफलता बड़े शहरों की मोहताज नहीं होती। सीमित संसाधनों, साधारण परिवेश और चुनौतियों के बीच भी अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुकाम दूर नहीं।https://whatsapp.com/channel/0029Va6IX8DE50UiwIV51v0O

सपना कुमारी… एक नाम नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है—बिहार दिवस पर निकाली गई प्रभात फेरी

इंटर में सेकेंड टॉपर

पिता सुधीर चौरसिया, जो गांव में एक छोटी सी किराना दुकान चलाते हैं, और माता संजुला देवी, जो गृहणी हैं—इन दोनों के त्याग और समर्थन ने सपना को इस मुकाम तक पहुंचाया है। परिवार की सबसे छोटी बेटी सपना ने न सिर्फ अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे नवादा जिले को गर्व महसूस कराया है।
यह सफलता कोई संयोग नहीं है… इससे पहले भी सपना ने मैट्रिक परीक्षा में बिहार में छठा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। अब इंटर में सेकेंड टॉपर बनकर उन्होंने अपनी काबिलियत को एक बार फिर साबित कर दिया है।

सपना कुमारी… एक नाम नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है—

चार भाई-बहनों में सबसे छोटी सपना का सपना है डॉक्टर बनना… ताकि वह समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सके। बड़े भाई गौतम कुमार इंडियन नेवी में देश सेवा कर रहे हैं, छोटा भाई पढ़ाई में जुटा है, और बड़ी बहन भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं—यानी पूरा परिवार शिक्षा और सेवा की राह पर आगे बढ़ रहा है।
आज नावाडीह गांव में जश्न का माहौल है… हर गली, हर घर में सपना की सफलता की चर्चा हो रही है। यह सिर्फ एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि पूरे गांव, पूरे समाज और हर उस परिवार की जीत है, जो कठिन हालात में भी अपने बच्चों के सपनों को उड़ान देना चाहता है।
सपना कुमारी… एक नाम नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है—जो यह संदेश देती है कि “अगर हौसले बुलंद हों, तो हर सपना हकीकत बन सकता है…”

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