नई उम्मीद: ए बेटर टुमारो’ उन्मुखीकरण और काउंसलिंग सत्र

नई उम्मीद: ए बेटर टुमारो' उन्मुखीकरण और काउंसलिंग सत्र , राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित,विचारों पर नियंत्रण पा लेने पर बाहरी परिस्थितियां विचलित नहीं कर सकती

नई उम्मीद: ए बेटर टुमारो’ उन्मुखीकरण और काउंसलिंग सत्र , राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित,विचारों पर नियंत्रण पा लेने पर बाहरी परिस्थितियां विचलित नहीं कर सकती

शेखपुरा। स्थानीय राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में गुरुवार को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की विशेष पहल ‘नई उम्मीद: ए बेटर टुमारो’ के अंतर्गत छात्रों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण और काउंसलिंग सत्र का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को मानसिक तनाव से मुक्त करना, उनमें सकारात्मकता का संचार करना और जीवन के प्रति एक नया दृष्टिकोण प्रदान करना था।इस सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्माकुमारी संस्थान की बी.के. अन्नू और बी.के. वंदना, बहन दिव्या एवं भाई अनिल मन एवं योग विशेषज्ञों के रूप में उपस्थित रहे। ब्रह्मकुमारी अपने सात्विक विचारों और राज योग के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी सर के विचार जो पवित्र गीता उद्गृहित श्लोकों से प्रेरित था। उन्होंने बताया कि आत्मा और शरीर एक दूसरे के पूरक है। आध्यात्मिक गुरुओं ने छात्रों को इंजीनियरिंग की चुनौतीपूर्ण पढ़ाई के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक गुर सिखाए।

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नई उम्मीद: ए बेटर टुमारो' उन्मुखीकरण और काउंसलिंग सत्र , राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित,विचारों पर नियंत्रण पा लेने पर बाहरी परिस्थितियां विचलित नहीं कर सकती
नई उम्मीद: ए बेटर टुमारो’ उन्मुखीकरण और काउंसलिंग सत्र , राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित,विचारों पर नियंत्रण पा लेने पर बाहरी परिस्थितियां विचलित नहीं कर सकती

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‘राजयोग मेडिटेशन’

बीके अन्नू ने अपने संबोधन में ‘स्व-प्रबंधन’ पर जोर देते हुए कहा कि यदि हम अपने विचारों पर नियंत्रण पा लें, तो बाहरी परिस्थितियां हमें विचलित नहीं कर सकतीं। उनके एक एक्सरसाइज ने सभी मौजूद लोगों का ध्यान योग की तरफ आकर्षित किया। मौक़े पर बीके वंदना ने छात्रों को ‘राजयोग मेडिटेशन’ का अभ्यास कराया और बताया कि कैसे एकाग्रता बढ़ाकर कम समय में बेहतर शैक्षणिक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।बीके संजय ने ‘मूल्य-आधारित शिक्षा’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को व्यसनों से दूर रहने और चरित्र निर्माण के प्रति प्रेरित किया।विभागीय पहल के बारे में चर्चा करते हुए कॉलेज के मानसिक स्वास्थ्य कॉर्डिनेटर शशिकला कुमारी एवं डॉ. अवधेश कुमार सुमन ने बताया कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के बीच अक्सर अवसाद और तनाव देखा जाता है। ‘नई उम्मीद’ कार्यक्रम का लक्ष्य काउंसलिंग के माध्यम से छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करना है।जीईसी शेखपुरा के प्राचार्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि कैसे हमारे बच्चे अवसाद से छुटकारा पा सकते है। ब्रह्माकुमारी संस्थान के सदस्यों द्वारा दिए गए ये जीवन मंत्र हमारे छात्रों को न केवल एक बेहतर इंजीनियर बल्कि एक बेहतर इंसान बनने में मदद करेंगे।
इस दौरान कॉलेज के डीन अकादमी डॉ. जयशंकर प्रसाद केशरी एवं फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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