अवैध कारतूस रखने के मामले में आरोपी दोषी करार, स्पीडी ट्रायल के माध्यम से मिला 2 वर्षों का ससश्रम कारावास और 5000 रुपए का अर्थदंड
शेखपुरा। सिविल कोर्ट शेखपुरा के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी समीर कुमार ने मात्र एक जिंदा कारतूस रखने वाले आरोपी को दोषी ठहराया है । मंगलवार को उन्होंने उसे 2 साल की सश्रम का कारावास की सजा और 5000 रूपए का अर्थ दंड दिया है। दोषी जिले के केवटी थाना अंतर्गत गंगटी गांव निवासी वीरेंद्र प्रसाद के पुत्र अजीत कुमार हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक अभियोजन पदाधिकारी धीरज कुमार ने बताया कि नवंबर 2024 को केवटी थाना पुलिस में गुप्त सूचना के आधार पर दोषी अजीत कुमार के घर में छापामारी कर उसके पास से एक जिंदा कारतूस बरामद किया था।
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अवैध हथियार के छोटे से टुकड़ा रखना भी उसके लिए भारी पड़ गया। पुलिस ने सूचना के बाद घर में छापामारी में उसे गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था । बाद में न्यायिक विचरण की समाप्ति के बाद शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1- बी) ए और 26 के आरोपी अजीत कुमार को दोषी पाया। अजीत कुमार अवैध जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तारी के दिन से ही जेल में है। न्यायालय में इसके खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर उसे सजा दिलाने का काम अभियोजन द्वारा किया गया है। अभियोजन पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि इस सजा के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का काम करेगा कि अवैध हथियार के एक छोटे टुकड़े भी लोगों के लिए कितना महंगा पड़ सकता है।









