विधि विवादित बच्चों को सृजनात्मक कार्यों में लगाने का निर्देश

विधि विवादित बच्चों को सृजनात्मक कार्यों में लगाने का निर्देश, डीएम सहित अन्य अधिकारियों ने सुरक्षित स्थान का किया निरीक्षण

शेखपुरा। शनिवार को डीएम शेखर आनंद ने मटोखर स्थित सुरक्षित स्थान में आवासित विधि विवादित बच्चों में कौशल विकास तथा सृजनात्मक कार्यों के प्रति जागरूकता दिलाने का निर्देश दिया। डीएम की अध्यक्षता में आयोजित चतुर्थ त्रैमासिक जिला निरीक्षण समिति की बैठक के तहत उन्होंने मटोखर स्थित सुरक्षित स्थान का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां आवासित बच्चों के रहन-सहन ,साफ-सफाई, शिक्षा, भोजन ,सुरक्षा तथा प्रबंधन का जायजा लिया ।

https://youtu.be/ZQwyouMceGU?si=BgeG9eDl7JjcNmHv

https://biharbulletin24.in/former-mla-honored-with-fake-police-station-officers-claim-of-440-rank-in-upsc/

निरीक्षण के दौरान डीएम ने सुरक्षित स्थान के प्रबंधन पर संतोष जाहिर किया तथा सुरक्षित स्थान के अधीक्षक सुदर्शन कुमार को निर्देश दिया कि जो बच्चे पठन-पाठन में रुचि नहीं लेते हैं, उनके अंदर सृजनात्मक कौशल को देखते हुए उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए जागरूक करें एवं उनके अंदर कौशल विकास की भावना को विकसित करें।

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार ,जिला शिक्षा पदाधिकारी तनवीर अहमद, प्रभारी सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई अभिजीत सोनल, बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रदीप कुमार, अधीक्षक सुदर्शन कुमार एवं बाल संरक्षण के अन्य कर्मी आदि उपस्थित थे। बताते चले की विधि विवादित बच्चों के आवासन एवं प्रबंधन को बेहतर बनाने को लेकर हर 3 महीने पर जिला स्तरीय निरीक्षण समिति की बैठक होती है इसमें डीएम बच्चों के रखरखाव का निरीक्षण करते हैं एवं वहां पाए गए कमियों को दूर करने के लिए निर्देश देते हैं तथा बेहतर बनाने की कार्य योजना तय की जाती है।

डीएम शेखर आनंद ने सुरक्षित स्थान को बेहतर बनाने के लिए वहां आवासित बच्चों में समाज के प्रति जवाबदेह नागरिक बनाने के लिए परामर्श एवं जागरूकता पर विशेष बल दिया ।निरीक्षण के दौरान सुरक्षा के मानकों का भी निरीक्षण किया गया जो संतोषप्रद पाया गया । सुरक्षित स्थान के परिसर को साफ सुथरा और आकर्षक बनाने पर विशेष बल दिया गया।

Leave a Comment