मुजफ्फरपुर के राघव ने रचा इतिहास: UPSC में देशभर में चौथी रैंक, सरैयागंज में जश्न का माहौल

UPSC में देशभर में चौथी रैंक, सरैयागंज में जश्न का माहौल

मुजफ्फरपुर के पंकज मार्केट निवासी राघव झुनझुनवाला ने यूपीएससी परीक्षा 2025 में देशभर में चौथा स्थान हासिल किया है। तीसरे प्रयास में टॉप-5 में जगह बनाने वाले राघव पहले भी बिहार के बारहवीं टॉपर रह चुके हैं।

Muzaffarpur – बिहार की मेधा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया है। शहर के सरैयागंज इलाके के निवासी राघव झुनझुनवाला ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर चौथी रैंक (AIR 4) हासिल की है। परिणाम घोषित होते ही राघव के पैतृक आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया और पूरे जिले में उत्साह का माहौल व्याप्त है।

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DPS से SRCC तक: मेधा और मेहनत का सफर

राघव बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा उनकी मेहनत की कहानी कहती है:

स्कूली शिक्षा: उन्होंने मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की।

उच्च शिक्षा: स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और देश के सबसे नामी श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से स्नातक की डिग्री हासिल की।

कॉमर्स बैकग्राउंड: कॉमर्स की पृष्ठभूमि होने के बावजूद उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा में टॉप-4 में जगह बनाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित किया।

परिवार का संबल और पिता का मार्गदर्शन

राघव की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट सहयोग रहा है। उनके पिता विदेश में कार्यरत हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा राघव का मार्गदर्शन किया। राघव का परिवार लंबे समय से मुजफ्फरपुर और दिल्ली के बीच अपनी जड़ों से जुड़ा रहा है। उनकी इस उपलब्धि पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि राघव ने बिहार की गौरवशाली प्रशासनिक परंपरा को एक नई ऊँचाई दी है।

सफलता का मंत्र: धैर्य और स्पष्ट लक्ष्य

अपनी सफलता पर राघव झुनझुनवाला ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यूपीएससी जैसे कठिन लक्ष्य के लिए निरंतरता, अनुशासन और धैर्य सबसे अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा, “यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो छोटे शहरों से निकलकर भी देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल की जा सकती है।”

समाज सेवा का संकल्प

राघव अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल होकर देश और समाज की सेवा के लिए तैयार हैं। उनकी सफलता ने मुजफ्फरपुर के हजारों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें सच करने की नई प्रेरणा दी है।

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