‘प्रोजेक्ट अमृत’
नवादा : जब सेवा साधना बन जाए और प्रकृति के प्रति संवेदना जीवन का मूल मंत्र बने , तब पावन संकल्प जन्म लेते हैं। मानव सेवा और लोक कल्याण की हालांकि दिव्य चेतना को साकार रूप प्रदान करने हेतु संत निरंकारी मिशन हिसुआ मंडल द्वारा ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चैथे चरण का भव्य शुभारंभ रविवार, 22 फरवरी को किया गया। परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशानुसार नवादा जिला समेत समस्त भारत में भव्य रूप से इसका आयोजन किया गया।
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हिसुआ मंडल द्वारा मुखी
हिसुआ मंडल द्वारा मुखी मदन शर्मा ,सेवादल इंचार्ज महेश प्रसाद एवं दिनेश विश्वकर्मा के सानिध्य में झिकरुआ स्थित सूर्य मंदिर परिसर एवं तालाब का विशेष साफ-सफाई का अभियान चलाया गया। जिसमें हिसुआ के सेवादल के लगभग 200 सदस्यों ने मिलकर सामाजिक कार्य सम्पन्न किया। सफाई अभियान पश्चात 09.30 से 11.00 बजे तक निरंकारी सत्संग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है।
संत निरंकारी मंडल के मुखी मदन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशाल अभियान देशभर में 1500 से अधिक स्थानों में एक साथ आयोजित किया गया । इस व्यापक विस्तार के कारण यह प्रयास ऐतिहासिक स्वरूप धारण करेगा, जो जल संरक्षण तथा स्वच्छता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावशाली रूप से पहुँचाएगा।

मूल उद्देश्य
इस पहल का मूल उद्देश्य समाज को यह अनुभूति कराना है कि जल केवल संसाधन नहीं, जीवन का आधार और ईश्वर की अमूल्य देन है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक मानव का नैतिक कर्तव्य है।
संत निरंकारी मिशन ने बाबा हरदेव सिंह जी की प्रेरणास्पद शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए वर्ष 2023 में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट अमृत’ का सूत्रपात किया था।
यह पुनीत पहल जल संरक्षण को किसी एक दिवस या अभियान तक सीमित न रखकर उसे जीवनशैली, संस्कार और सेवा-भाव के रूप में अभिव्यक्त करने की प्रेरणा देती है, जहाँ स्वच्छ जल से स्वच्छ मन और स्वच्छ समाज का निर्माण संभव हो सके।
सेवादल इंचार्ज महेश प्रसाद ने कहा नदियों, झीलों, तालाबों, कुओं एवं झरनों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन हेतु समर्पित इस जनआंदोलन ने अपने प्रथम तीन चरणों में सेवा, समर्पण और सहभागिता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की है।
इन्हीं उपलब्धियों से प्रेरित होकर इस चरण को और अधिक विस्तृत, संगठित एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है जिससे समाज के हर वर्ग में प्रकृति के प्रति जागरूकता और सहभागिता की सुदृढ़ चेतना का विस्तार कर सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
गीतों की मधुर प्रस्तुतियाँ, सामूहिक गान, जागरूकता संगोष्ठियाँ एवं सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से जलजनित रोगों तथा स्वच्छता के महत्व पर जनचेतना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
यह पहल यह स्मरण कराती है कि जब मन निर्मल होता है, तभी प्रकृति भी स्वच्छ होती है, और जब सेवा में समर्पण जुड़ जाता है, तब समाज का नव निर्माण होता है।
ट्रेजरी दिनेश विश्वकर्मा ने कहा सतगुरु माता जी का संदेश सदैव यही रहा है कि हम इस धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए पहले से अधिक सुंदर, स्वच्छ और संतुलित रूप में संजोकर रखें।
‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान उसी पावन संकल्प का सजीव प्रतीक है, जो मानव को प्रकृति, समाज और आत्मा से जोड़ते हुए करुणा, संतुलन और सौहार्द से परिपूर्ण भविष्य की ओर मार्गदर्शन करता है।
इस मौके पर बाबूलाल शर्मा ,डॉ॰ छोटेलाल ,इंद्रदेव पासवान ,जयनंदन प्रसाद ,दिलीप पासवान ,सत्यनारायण शर्मा ,सुरेन्द्र प्रसाद ,उपेंद्र कुमार. ,धनेश्वर जी ,जानकी जी ,रेखा शर्मा ,रानी देवी ,विजय रविदास ,रीता जी ,सिंकी जी ,स्वीटी गुप्ता ,उषा जी ,रमेश जी ,नर्मदा जी ,कलावती देवी ,संगीता जी ,शीला जी ,गंगी देवी , पूजा जी ,अन्नू जी ,खुशी जी, संध्या जी ,कविता कुमारी ,सपना कुमारी ,सुहानी कुमारी ,निक्की कुमारी ,रेखा जी, मंजू देवी ,सरोज जी ,रीता जी ,उर्मिला देवी ,रिंकी जी सहित सैकड़ों सेवादल के भाई -बहनों ने साफ -सफाई में अपना योगदान दिया।









