वारिसलीगंज के ऐतिहासिक स्थल अपसढ एवं दरियापुर पार्वती पर डाक विभाग ने जारी किया डाक टिकट।

दरियापुर पार्वती पर डाक विभाग ने जारी किया डाक टिकट।

वारिसलीगंज के ऐतिहासिक स्थल अपसढ ,दरियापुर पार्वती के ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित करने के उद्देश्य डाक विभाग के द्वारा रविवार को वारिसलीगंज बाईपास स्थित बाबा मैरिज हॉल में एक कार्यक्रम आयोजित कर बिहार डाक महाअधीक्षक अनिल कुमार के द्वारा डाक टिकट जारी की गई। इसमें क्षेत्र के लेखक, साहित्यकार व इतिहास की जानकार शामिल हुए।

मगध की राजधानी रही राजगृह की पूरव स्थित वारिसलीगंज काशीचक में ढेर सारी ऐतिहासिक स्थल मौजूद है। जिसमें कुछ स्थानों का सरकार द्वारा आंशिक विकास किया गया है। लेकिन भारत के मानचित्र पर इन ऐतिहासिक स्थलों को महत्व दिलाने का पर्याप्त प्रयास नहीं किया गया है। उक्त बातें रविवार को डाक विभाग द्वारा आयोजित विशेष आवरण विमोचन समारोह को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सह साहित्यकार रामरतन प्रसाद सिंह रत्नाकर ने कही। कहा कि क्षेत्र में चिन्हित 60 स्थलों में से दो ऐतिहासिक व पुरातात्विक स्थानों क्रमशः काशीचक प्रखंड के पार्वती गांव के पर्वत पहाड़ी स्थित इन्द्रशाल गुफा तथा वारिसलीगंज के अपसढ़ गांव का पौराणिक सह शैक्षणिक धार्मिक विश्वविद्यालय का अबशेष अपसढ़ गढ़ का आंशिक विकास किया गया है। जबकि जिले के ककोलत जलप्रपात का सौंदर्यीकरण, खनवा गांव का विकास ठीक ठाक हुआ है। मौके पर विशेष आवरण का विमोचन सीपीएमजी अनिल कुमार, विधायक अरुणा देवी, वरिष्ठ साहित्यकार राम रतन प्रसाद सिंह रत्नाकर, रोह की जिला पार्षद विनीता मेहता, डाक अधीक्षक नवादा नीरज कुमार चौधरी तथा नालंदा के डाक अधीक्षक कुंदन कुमार, मुखिया राजकुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

इतिहास पर डाक टिकट जारी

समारोह के दौरान विशेष आवरण के विमोचन करने पहुंचे बिहार सर्किल के डाक महाध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि आज लोग अपनी संस्कृति, साहित्य, ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत, धार्मिक पुस्तकों को भूलते जा रहे हैं। जिससे भारत में अपसंस्कृति तेजी से पनप रही है। डाक विभाग ने अपसढ़ गढ़ एवं पार्वती पहाड़ का इन्द्रशाल गुफा एवं दरियापुर का इतिहास पर डाक टिकट जारी कर उक्त स्थानों को जीवंत बनाने का कार्य किया है।

इस दौरान विशिष्ट अतिथि पत्रकार अशोक प्रियदर्शी ने अपसढ़ एवं पार्वती के इन्द्रशाल गुफा पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि अपसढ़ गढ़ धार्मिक विश्वविद्यालय का अबशेष है। जरूरत है इतिहास को जीवंत बनाने को ले उक्त स्थल के आसपास एक उत्कृष्ट शैक्षणिक विश्वविद्यालय के स्थापना करने की, जहां संस्कृत, पाली, वैदिक एवं धार्मिक आस्था की शिक्षा देने की व्यवस्था हो। समारोह को विधायक अरुणा देवी, मुखिया राजकुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि राम सकल सिंह, अपसढ़ पुरातात्विक संरक्षण समिति के युगल किशोर सिंह आदि ने अपने संबोधन में उक्त स्थलों के अपेक्षित विकास कर सरकार से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग किया। साथ ही डाक टिकट जारी करने को ले डाक महाध्यक्ष को धन्यवाद एवं साधुवाद दिया। कार्यक्रम के दौरान वारिसलीगंज डाक विभाग की सम्पूर्ण टीम काफी सक्रिय दिखी।

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