हिसुआ के पांचू गढ़ की रितिका ने रचा इतिहास

हिसुआ के पांचू गढ़ की रितिका ने रचा इतिहास: UPSC में 185वीं रैंक लाकर नवादा का मान बढ़ाया

हिसुआ (नवादा): प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के आगे गरीबी हमेशा घुटने टेक देती है। नवादा जिले के हिसुआ नगर परिषद क्षेत्र के पांचू गढ़ (वार्ड नंबर 06) की रहने वाली रितिका पाण्डेय ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 185वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। रितिका की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि तंग गलियों और छोटे कमरों से भी सफलता के बड़े रास्ते निकलते हैं।

पिता की मेहनत और बेटी का जज्बा

रितिका के पिता संजय पाण्डेय और उनका परिवार वर्तमान में रांची में एक छोटे से किराए के कमरे में रहकर जीवन यापन करता है। आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद संजय पाण्डेय ने हिम्मत नहीं हारी। वह दुकानों से ऑर्डर लेकर थैला प्रिंटिंग का काम करते हैं, ताकि बच्चों का भविष्य संवर सके। रितिका ने अपने पिता के पसीने की कीमत को समझा और कड़ी मेहनत को अपना हथियार बनाया।

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बिना महंगी कोचिंग के पाया मुकाम

आर्थिक तंगी के कारण रितिका किसी बड़े कोचिंग संस्थान की भारी-भरकम फीस नहीं भर सकीं। लेकिन रितिका के हौसले बड़े थे:

ऑनलाइन पढ़ाई का सहारा: रितिका ने घर पर ही रहकर ऑनलाइन माध्यमों से तैयारी की।

सीमित संसाधन, असीमित लगन: एक छोटे से कमरे में रहकर, बिना किसी विशेष सुख-सुविधा के रितिका ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की।

पांचू गढ़ और पूरे जिले में जश्न

हिसुआ के पांचू गढ़ की इस बेटी की सफलता की खबर जैसे ही स्थानीय लोगों तक पहुँची, खुशी की लहर दौड़ गई। वार्ड नंबर 06 के निवासियों का कहना है कि रितिका की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। रितिका ने यह संदेश दिया है कि यदि आपके सपनों में जान है, तो आसमान छूना मुश्किल नहीं।

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