निर्दयी पिता ने अपने पुत्र को क्यूल नदी में फेंका हुई मौत ,आरोपी पिता गिरफ्तार

शेखोपुरसराय। नगर पंचायत के मियनबीघा गांव निवासी उमेश सिंह की पुत्री वीणा कुमारी, जिनका विवाह चेबाड़ा थाना क्षेत्र के एकाढ़ा गांव निवासी अरुण सिंह के पुत्र मृगेन्द्र कुमार से हुआ था। लंबे समय से पति पत्नी के बीच अनबन चलने के कारण महिला वीणा कुमारी वर्षों से अपने मायके में रह रही थीं। कुछ दिन पूर्व, मृगेन्द्र कुमार गत 20 सितंबर अपनी पत्नी वीणा से मिलने अपना ससुराल आया और अपनी पत्नी से दुर्गा पूजा के अवसर पर सात वर्षीय पुत्र हरेराम उर्फ झूलेमन को दादा-दादी के पास ले जाने की बात कही। वीणा ने विश्वास के साथ अपने बेटे को उसके पिता के साथ भेज दिया। लेकिन यह निर्णय उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुःस्वप्न साबित हुआ।

मृगेन्द्र कुमार ने निर्दयता की सारी हदें पार करते हुए अपने ही मासूम बेटे हरेराम को किउल नदी में धकेल दिया। जहां उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद मृगेन्द्र ने खुद अपनी पत्नी वीणा को फोन कर यह भयावह सूचना दी कि उनका बेटा नदी में गिरकर डूब गया और उसकी मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही वीणा के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह सदमे में आ गई। इस नृशंस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। गांव के लोग मृगेन्द्र की इस क्रूरता पर घोर निंदा कर रहे हैं और उसके इस अमानवीय कृत्य के लिए उसे समाज से बहिष्कृत करने की बात कर रहे हैं। गांव के लोग ऐसे निर्दयी पिता पर थूक रहे हैं, जिसने अपने ही बेटे को मौत के घाट उतार दिया। शेखोपुर सराय थाना में बीना कुमारी द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर शेखोपुर सराय के थाना अध्यक्ष हरेंद्र कुमार सिंह ने मृगेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी पिता से पुलिस पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार इसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा ताकि भविष्य में कोई पिता इस तरह की घिनौनी हरकत न करे। इस घटना ने एक बार फिर समाज में परिवारिक विवादों के भयानक परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित किया है, और लोग मृगेन्द्र कुमार के इस अमानवीय कृत्य के लिए कठोर दंड की मांग कर रहे हैं।









